जमशेदपुर : कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने जिला अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रखंड स्तर पर रायशुमारी शुरू कर दी है। गुरुवार को यह अभियान बहरागोड़ा, जुगसलाई, पोटका और जमशेदपुर ग्रामीण प्रखंडों में संपन्न हुआ। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में AICC पर्यवेक्षक व विधायक अनंत पटेल, PCC पर्यवेक्षक बलजीत सिंह बेदी और सुंदरी तिर्की ने भाग लिया। इनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद, संगठन को नई ऊर्जा देने की तैयारी
AICC पर्यवेक्षक अनंत पटेल ने दिया जोश भरने वाला संदेश
कार्यक्रम में AICC पर्यवेक्षक अनंत पटेल ने प्रखंड पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, पंचायत प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से वन-टू-वन संवाद कर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा—
“आज का अभियान कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। हमें भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संगठित होकर आंदोलन करना होगा।”
उन्होंने राहुल गांधी द्वारा चलाए जा रहे जनआंदोलनों का ज़िक्र करते हुए कार्यकर्ताओं को पार्टी के विचारों के प्रचार और नए लोगों को जोड़ने की अपील की।
रायशुमारी से निकलेगा नया कांग्रेस जिला अध्यक्ष
पांच दिवसीय अभियान में जिला अध्यक्ष पद के लिए बन रही मजबूत राय
कार्यक्रम में PCC पर्यवेक्षकों ने बताया कि AICC द्वारा जिला अध्यक्ष पद पर नियुक्ति से पूर्व यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर कार्यकर्ता की राय को महत्व मिले। प्रखंड, मंडल और पंचायत स्तर पर रायशुमारी कर कार्यकर्ता-नेताओं की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
जिलाध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने भी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह अभियान संगठन में नई जान फूंकने का काम करेगा।
कांग्रेस नेतृत्व को कार्यकर्ताओं का सीधा समर्थन
इस ऐतिहासिक अभियान के अंतर्गत संगठन सृजन बैठक में सैकड़ों कांग्रेसजन शामिल हुए। प्रबंधन का दायित्व जिला कार्यालय प्रभारी संजय सिंह आज़ाद ने बखूबी निभाया।
उपस्थित वरिष्ठ नेताओं में तापस चटर्जी, तापस महापात्रा, सनत कुमार भोल, बिमल बारीक, कैसर आलम अंसारी, इरसाद हैदर, बिजय पाण्डेय, आशीष ठाकुर, मुन्ना मिश्र, नरेश गौरा, नारायण डे, रूबी ठाकुर, अनिरुद्ध कुमार पुरी, सरत चन्द्र महतो, लासा मुर्मू, मधुसूदन कैवर्तो, सैयद जबिह उल्लाह, के. के. शुक्ल, अखिलेश्वर सिंह, राजेन्द्र पाण्डेय, डॉ. परितोष सिंह और अन्य नेताओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।



