बिना मापदंड तय किए हुआ ट्रांसफर, महिला कर्मचारियों को भी भेजा गया दूसरे विभागों में
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने 1 सितंबर 2025 से अपने फील्ड मैकेनिकल मेंटेनेंस विभाग में रोटेशन सिस्टम लागू किया है। इस नीति के तहत पहले चरण में 40 कर्मचारियों को विभिन्न विभागों में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसमें महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। यह फैसला कर्मचारियों को बिना किसी स्पष्ट मापदंड या सहमति के लागू किया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी फैल गई है। कर्मचारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया और उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के स्थानांतरित किया गया।
महिला कर्मचारियों की आपत्तियां, नाइट ड्यूटी सहमति के बिना भी ट्रांसफर
कर्मचारियों ने बताया कि कुछ महिला कर्मचारियों ने नाइट शिफ्ट (रात्रि पाली) के लिए सहमति नहीं दी थी, फिर भी उन्हें ऐसे विभागों में भेजा गया जहां रात्रिकालीन ड्यूटी अनिवार्य है। यह सुरक्षा और निजता के लिहाज से चिंता का विषय है। कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि रोटेशन सिस्टम लागू करने में कुछ विभागीय कमेटी मेंबर्स की भूमिका संदिग्ध रही है। इस पर पारदर्शिता की मांग की गई है।
यूनियन ऑफिस पहुंचे कर्मचारी, दो घंटे इंतजार के बाद लौटे
गुरुवार शाम 5 बजे, रोटेशन सिस्टम का विरोध दर्ज कराने के लिए दर्जनों कर्मचारी टाटा वर्कर्स यूनियन ऑफिस पहुंचे। वे यूनियन अध्यक्ष से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन करीब दो घंटे के इंतजार के बाद भी अध्यक्ष नहीं पहुंचे, जिससे कर्मचारी निराश होकर लौट गए। उनके साथ विभागीय कमेटी मेंबर्स भी मौजूद थे। कर्मचारियों ने कहा कि यूनियन को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए प्रबंधन से वार्ता कर पारदर्शी सिस्टम लागू कराना चाहिए।


