
AI के दौर में मानवीय शिक्षकों की अहमियत पर बच्चों ने दिया संदेश
जमशेदपुर : जेवियर इंग्लिश स्कूल, कीताडीह में शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को भव्य एवं रंगारंग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भावनात्मक जुड़ाव को अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यक्त किया। समारोह का संचालन नव्य और विशाल ने किया।
कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण “AI के युग में Human Teachers और उनके Emotions की अनिवार्यता” विषय पर आधारित विशेष ड्रामा रहा। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बावजूद शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। शिक्षक विद्यार्थियों की भावनाओं को समझने, उन्हें सही दिशा देने और उनके व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ड्रामा के जरिए बच्चों ने यह भी दिखाया कि AI सूचनाएं और ज्ञान उपलब्ध करा सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं, भावनात्मक समझ, प्रेरणा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन की भूमिका में शिक्षक का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है।

हैंडमेड कार्ड्स देकर बच्चों ने शिक्षकों का जताया आभार
शिक्षक दिवस समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हैंडमेड कार्ड्स भेंट किए। बच्चों द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए इन कार्ड्स में शिक्षकों के प्रति स्नेह और धन्यवाद की भावना दिखाई दी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की विभिन्न रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को उत्साह और उमंग से भर दिया। पूरे आयोजन के दौरान स्कूल परिसर में शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की आत्मीयता और सम्मान की भावना देखने को मिली।

रमन झा ने बच्चों को बताया ‘कच्चा घड़ा’, शिक्षक को ‘कुम्हार’
समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं स्कूल के सेक्रेटरी रमन झा ने शिक्षक दिवस मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों की तुलना ‘कच्चे घड़े’ से करते हुए कहा कि जिस प्रकार कुम्हार मिट्टी के कच्चे घड़े को आकार देकर उसे उपयोगी और सुंदर रूप प्रदान करता है, उसी प्रकार शिक्षक अपने ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को सही आकार देते हैं।
उन्होंने शिक्षक की भूमिका को विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षक का मार्गदर्शन उन्हें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा देता है।
चंद्रगुप्त मौर्य-चाणक्य के उदाहरण से समझाया गुरु का महत्व
जेवियर इंग्लिश स्कूल, शंकरदा के प्रिंसिपल सौरभ दत्ता ने अपने संबोधन में इतिहास का उदाहरण देते हुए चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के संबंध का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक योग्य गुरु का मार्गदर्शन किसी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को गुरु के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा शिक्षकों से मिलने वाले मार्गदर्शन को अपने जीवन में उतारने का संदेश दिया।

प्राचार्या अंकिता तिवारी ने डॉ. राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा लेने को कहा
स्कूल की प्राचार्या अंकिता तिवारी ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और शिक्षक के प्रति सम्मान को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, शिक्षिका अलका ने सुंदर एवं भावपूर्ण पंक्तियों के माध्यम से शिक्षकों के सम्मान और उनकी भूमिका को रेखांकित किया। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भावनात्मक रंग भर दिया।

आयोजन में इनका रहा विशेष योगदान
शिक्षक दिवस के इस सफल आयोजन में आर जे वेलफेयर ट्रस्ट की चेयरपर्सन पूनम झा, सेक्रेटरी रमन झा, सौरभ दत्ता, अंकिता तिवारी, सुमन शर्मा, श्वेता, आकांक्षा, स्वाति, स्वाति शर्मा, अलका, रानी, श्रुति, खुशबू, प्रीति, रजनी, पूनम, अनुपम, प्रशांत, करण, जितेंद्र, पिंकी, मुस्कान, जगदीश, बेबी, राज, मोयना, प्रसन्ना और लखन समेत स्कूल के सभी शिक्षकों एवं कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समारोह ने न केवल विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि आधुनिक तकनीक के दौर में शिक्षा का मानवीय पक्ष और शिक्षक-विद्यार्थी के बीच भावनात्मक संबंध आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।




