
जमशेदपुर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) और प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) के आह्वान पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी की ओर से मंगलवार को बिष्टूपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने की। इस दौरान अतिथियों का प्रोटोकॉल के तहत स्वागत किया गया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता ने केंद्र सरकार के MMDR (Mines and Minerals Development and Regulation) संशोधन विधेयक-2026 को लेकर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक को वापस लेने, झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों की रक्षा करने तथा संघीय ढांचे को मजबूत बनाए रखने की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगी।
इसके साथ ही कांग्रेस ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, पारदर्शी ऑडिट और श्रद्धालुओं के चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
27 अगस्त को जमशेदपुर में धरना-प्रदर्शन
बन्ना गुप्ता ने बताया कि कांग्रेस के घोषित राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत 27 अगस्त 2026 को जमशेदपुर में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान महामहिम राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र उपायुक्त के माध्यम से सौंपा जाएगा।
जिला कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जिला एवं प्रदेश पदाधिकारियों, प्रखंड एवं मंडल पदाधिकारियों, मंच-मोर्चा के पदाधिकारियों तथा पंचायत कमिटियों के पदाधिकारियों से कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, Gen-Z और छात्रों से भी पोस्टर-बैनर के साथ आंदोलन में भाग लेने का आग्रह किया।
कांग्रेस के कार्यक्रम के अनुसार:
- 27 अगस्त 2026: जमशेदपुर उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन।
- 7 सितंबर 2026: रांची में लोकभवन/राजभवन के समक्ष राज्यस्तरीय महाधरना।
- 9 से 16 सितंबर 2026: विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन।
MMDR संशोधन विधेयक को लेकर बन्ना गुप्ता ने उठाए सवाल
बन्ना गुप्ता ने कहा कि MMDR संशोधन विधेयक-2026 केवल खान एवं खनिज से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि इसका संबंध झारखंड के जल, जंगल, जमीन, प्राकृतिक संसाधनों, राज्य के अधिकारों और देश के संघीय ढांचे से भी है।
उन्होंने कहा कि झारखंड ने देश के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य की कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, अबरख, सोना और अन्य खनिज संपदा लंबे समय से देश की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार रही है। कांग्रेस का आरोप है कि खनिज संपदा का लाभ उठाने के बावजूद झारखंड को विस्थापन, प्रदूषण, बेरोजगारी और सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों के इस्तेमाल में झारखंड के हित और स्थानीय लोगों के अधिकार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें
1. खनिज संसाधनों पर राज्य का अधिकार सुरक्षित हो
बन्ना गुप्ता ने मांग की कि झारखंड के खनिज संसाधनों से जुड़े मामलों में राज्य सरकार के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों को कमजोर करने वाला कोई प्रावधान नहीं होना चाहिए। खनिज संपदा से संबंधित नीतिगत निर्णयों में राज्य की निर्णायक भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए।
2. जल, जंगल और जमीन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने
कांग्रेस ने कहा कि खनन परियोजनाओं के नाम पर आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय लोगों की जमीन, जंगल, जलस्रोत तथा पारंपरिक अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। पार्टी ने विकास के नाम पर विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान का भार स्थानीय जनता पर डालने का विरोध किया।
3. खनिज संपदा से झारखंडवासियों को आर्थिक लाभ और रोजगार मिले
कांग्रेस ने कहा कि झारखंड से निकलने वाले कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, अबरख, सोना, बहुमूल्य पत्थर समेत अन्य खनिजों से देश को बड़े पैमाने पर राजस्व मिलता है। ऐसे में खनिज संपदा से होने वाली आय में झारखंड का उचित हिस्सा सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उद्योगों में प्राथमिकता देने की मांग की गई।
4. संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों का सम्मान हो
बन्ना गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े कानून बनाते समय केंद्र सरकार को राज्यों की स्वायत्तता और संघीय व्यवस्था की मूल भावना का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि राज्यों को दरकिनार कर केंद्र का एकतरफा नियंत्रण बढ़ाना संघीय व्यवस्था के लिए उचित नहीं होगा।
5. व्यापक जनआंदोलन और सर्वदलीय पहल हो
कांग्रेस ने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, श्रमिक संगठनों, आदिवासी-मूलवासी संगठनों और आम जनता से एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की। पार्टी ने कहा कि झारखंड के हितों के अनुरूप आवश्यक संशोधन होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि “झारखंड की धरती केवल खनिज निकालने की जमीन नहीं है, बल्कि यह झारखंडियों की पहचान, जीवन और भविष्य का आधार है।” उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड सरकार, जनप्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और प्रभावित समुदायों से व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग की।
राम मंदिर के चढ़ावे में पारदर्शिता की कांग्रेस की मांग
प्रेस वार्ता के दूसरे प्रमुख मुद्दे के रूप में कांग्रेस ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और बहुमूल्य वस्तुओं के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता की मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। देशभर से श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार नकद राशि, सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं अर्पित करते हैं। इसलिए चढ़ावे से संबंधित किसी भी कथित अनियमितता की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से विभिन्न रिपोर्टों और जांच से जुड़े दावों का हवाला देते हुए चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं, CCTV फुटेज और बहुमूल्य वस्तुओं के रिकॉर्ड से जुड़े सवाल उठाए गए। पार्टी ने इन दावों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
चढ़ावे को लेकर कांग्रेस की 15 प्रमुख मांगें
1. चढ़ावे की एक-एक पाई का हिसाब सार्वजनिक हो:
कांग्रेस ने राम मंदिर में प्राप्त नकद चढ़ावे की कुल राशि, उसकी गिनती, बैंक में जमा रकम और खर्च का पूरा ऑडिट सार्वजनिक करने की मांग की।
2. कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच हो:
चढ़ावे की गिनती से जुड़ी कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की गई। प्रेस वार्ता में विभिन्न रिपोर्टों में लगभग 7 से 7.5 करोड़ रुपये की संदिग्ध राशि का उल्लेख होने का दावा किया गया।
3. CCTV फुटेज की फोरेंसिक जांच हो:
चढ़ावे की गिनती के दौरान सामने आए कथित संदिग्ध घटनाक्रमों के CCTV फुटेज की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच कराने की मांग की गई।
4. 200 किलो चांदी की ईंटों का रिकॉर्ड सार्वजनिक हो:
कांग्रेस ने 200 किलो चांदी की ईंटों से संबंधित दावों के संदर्भ में प्राप्ति रिकॉर्ड, रसीद, वजन, भंडारण और आगे की प्रक्रिया का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
5. सोना-चांदी और आभूषणों की इन्वेंट्री जारी हो:
भगवान श्रीराम को अर्पित सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात, मुकुट, हार, चरण पादुका और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की संख्या, वजन, मूल्यांकन और वर्तमान स्थिति का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की गई।
6. कथित चांदी के मुकुट और अन्य आभूषणों की जांच हो:
जिन बहुमूल्य मुकुटों और आभूषणों को लेकर सवाल उठे हैं, उनकी प्राप्ति रसीद से लेकर वर्तमान भौतिक स्थिति तक का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की गई।
7. चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था मजबूत हो:
कांग्रेस ने प्रत्येक चरण में CCTV, डिजिटल रिकॉर्डिंग, दोहरी निगरानी, स्वतंत्र ऑडिटर और बैंक मिलान की व्यवस्था अनिवार्य करने का सुझाव दिया।
8. रिकॉर्ड में छेड़छाड़ पर कड़ी कार्रवाई हो:
रसीद, स्टॉक रजिस्टर, बैंक रिकॉर्ड या इन्वेंट्री में किसी भी प्रकार की हेराफेरी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
9. मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही तय हो:
चढ़ावे की गिनती और बहुमूल्य वस्तुओं के रखरखाव की निगरानी करने वाले अधिकारियों या पदाधिकारियों की प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी गई।
10. बहुमूल्य वस्तुओं को पिघलाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो:
यदि चांदी अथवा अन्य धातुओं को अधिकृत प्रक्रिया के तहत पिघलाया गया है तो उसका वजन, तारीख, प्राप्ति रसीद, संबंधित संस्था और अंतिम सामग्री का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई।
11. आभूषणों को पिघलाने संबंधी आरोपों की जांच हो:
कांग्रेस ने कथित तौर पर चोरी किए गए आभूषणों को पिघलाकर दूसरी शक्ल में बदलने की आशंका से जुड़े आरोपों की जांच और उसके निष्कर्ष को सार्वजनिक करने की मांग की।
12. श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल ऑडिट ट्रेल बने:
बड़े दान और बहुमूल्य वस्तुओं के लिए डिजिटल रसीद तथा सार्वजनिक ऑडिट ट्रेल बनाने की मांग की गई, ताकि भविष्य में किसी तरह का संदेह उत्पन्न न हो।
13. दोषी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिले:
कांग्रेस ने कहा कि मामला किसी राजनीतिक दल या धर्म के खिलाफ नहीं है। यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसकी राजनीतिक, सामाजिक या धार्मिक पहचान से परे कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
14. उच्चस्तरीय स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए:
मंदिर के चढ़ावे और बहुमूल्य संपत्तियों का किसी प्रतिष्ठित स्वतंत्र एजेंसी अथवा सक्षम संस्था से विशेष ऑडिट कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई।
15. रामलला के चढ़ावे की पवित्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो:
कांग्रेस ने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा रामलला को समर्पित धन और बहुमूल्य वस्तुओं का स्पष्ट एवं सार्वजनिक हिसाब होना चाहिए। पार्टी ने दोहराया कि उसकी मांग किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही के पक्ष में है।
बन्ना गुप्ता बोले—दोषी कोई भी हो, कार्रवाई हो
बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना से जोड़कर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की प्रतिष्ठा और श्रद्धालुओं का विश्वास तभी और मजबूत होगा, जब चढ़ावे और बहुमूल्य संपत्तियों के प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होगी।
उन्होंने कथित अनियमितताओं की जांच में बड़े प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आने पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसके कहने और किसकी देखरेख में कथित चढ़ावा घोटाला हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसी भी दोषी को बचाया नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस ने अपने आंदोलन के लिए नारा भी दिया—
“रामलला के चढ़ावे में पारदर्शिता लाओ,
एक-एक पाई और एक-एक आभूषण का हिसाब बताओ!”
“आस्था का सम्मान करो,
चढ़ावे का पूरा हिसाब दो!”
प्रेस वार्ता में ये नेता रहे मौजूद
कार्यक्रम में कार्यालय प्रभारी, प्रदेश प्रवक्ता राकेश तिवारी, प्रदेश प्रवक्ता प्रताप यादव, प्रदेश सचिव ब्रजेन्द्र तिवारी, उपाध्यक्ष राजकिशोर यादव, जिला प्रवक्ता राजीव मिश्रा, उपाध्यक्ष रामलाल प्रसाद पासवान, सेवादल चेयरमैन राजा सिंह राजपूत, महामंत्री संजय तिवारी, मकसूद आलम और अली रजा खान समेत अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और झारखंड के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं के चढ़ावे में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे बढ़ाएगी।






