
पंचायत प्रतिनिधियों के साथ लाइव संवाद में छात्राओं ने पूछे प्रशासन, बजट और महिला नेतृत्व से जुड़े सवाल
जमशेदपुर : ग्रामीण भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्थानीय स्वशासन को करीब से समझने के उद्देश्य से नेचर संस्था (NATURE NGO) द्वारा संचालित विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत राजनीति शास्त्र की स्नातक छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण ‘लाइव टॉक’ एवं परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुग्रह नारायण सिंह शिक्षण एवं सेवा संस्थान, बागबेड़ा में आयोजित हुआ, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों और छात्राओं के बीच खुलकर संवाद हुआ।
छात्राओं को मिला जमीनी शासन व्यवस्था समझने का अवसर
कार्यक्रम का उद्देश्य राजनीति शास्त्र की छात्राओं को पाठ्यपुस्तकों के दायरे से बाहर निकालकर ग्रामीण शासन प्रणाली, पंचायती राज व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय लोकतंत्र की वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराना था। इस संवाद के माध्यम से छात्राओं को ग्रामीण भारत के राजनीतिक ढांचे और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की व्यावहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला।
पंचायत प्रतिनिधियों ने साझा किए अपने अनुभव
लाइव टॉक में बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत और मध्य बागबेड़ा पंचायत के प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें मुखिया राजकुमार गौड़, मुखिया उमा मुंडा, पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य राजू सिंह तथा वार्ड सदस्य अभिषेक उपाध्याय शामिल थे।
सत्र के दौरान प्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंच, महिला सशक्तिकरण की पहल, जनभागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
ग्राम सभा, बजट और महिला भागीदारी पर छात्राओं के तीखे सवाल
परिचर्चा के दौरान राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने पंचायत प्रतिनिधियों से कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक प्रश्न पूछे। छात्राओं ने मुखिया राजकुमार गौड़ और उमा मुंडा से ग्राम सभा के संचालन, पंचायतों में बजट आवंटन, स्थानीय स्वशासन की शक्तियों, विकास योजनाओं की निगरानी तथा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर सवाल किए।
पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभवों के आधार पर इन सभी प्रश्नों के विस्तृत और स्पष्ट उत्तर दिए, जिससे छात्राओं को पंचायत प्रशासन की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझने में मदद मिली।
विवाद निपटारे और ब्लॉक स्तर की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
छात्राओं ने पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा और राजू सिंह से गांवों में उत्पन्न होने वाले विवादों के समाधान, जनसमस्याओं के निपटारे तथा ब्लॉक स्तर पर आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधियों ने बताया कि पंचायत और पंचायत समिति ग्रामीण विकास तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को हल करने में किस प्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं वार्ड सदस्य अभिषेक उपाध्याय ने स्थानीय शासन व्यवस्था की सबसे निचली इकाई माने जाने वाले वार्ड सदस्य की जिम्मेदारियों, अधिकारों और कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

छात्राओं के नेतृत्व कौशल को मिलेगा नया आयाम : डॉ. कविता परमार
कार्यक्रम के दौरान नेचर संस्था की संरक्षक डॉ. कविता परमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। उन्हें लोकतंत्र की जमीनी संरचना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी समझना चाहिए।
उन्होंने कहा, “पंचायत प्रतिनिधियों के साथ यह प्रत्यक्ष संवाद छात्राओं के नेतृत्व कौशल, प्रशासनिक समझ और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करेगा। ऐसे कार्यक्रम भविष्य के जागरूक नागरिक और सक्षम नेतृत्व तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
छात्राओं ने बताया अनुभव को उपयोगी और प्रेरणादायक
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस संवाद ने उन्हें ग्राम स्तर पर लोकतंत्र की वास्तविक तस्वीर देखने और समझने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत कर उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं, स्थानीय प्रशासन और नेतृत्व की चुनौतियों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त हुई।






