
किसान, युवा और मध्यम वर्ग की घोर उपेक्षा का आरोप, झामुमो का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
बहरागोड़ा : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस बजट को डर, निराशा और दिशाहीनता से भरा हुआ दस्तावेज़ बताते हुए कहा कि यह बजट किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है।
बेरोजगारी और किसान संकट पर सरकार की चुप्पी : षाड़ंगी
कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि देश आज भीषण बेरोजगारी संकट से गुजर रहा है और किसान बदहाली की स्थिति में हैं, लेकिन इसके बावजूद वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा करना जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने कहा,
“जब देश का किसान आत्महत्या और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, तब बजट में किसानों का नाम तक न लेना सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करता है।”
कॉरपोरेट सेक्टर और निवेशकों को भी नहीं मिली राहत
झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि कॉरपोरेट सेक्टर को उम्मीद थी कि सरकार टैक्स इंसेंटिव के जरिए निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगी, लेकिन इस मोर्चे पर भी सरकार पूरी तरह विफल रही।
उन्होंने आरोप लगाया कि
एसटीटी (Securities Transaction Tax) बढ़ाकर निवेशकों को हतोत्साहित किया गया,
जिसके परिणामस्वरूप सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।
षाड़ंगी के अनुसार, बाजार को उम्मीद थी कि सरकार विकास को गति देने के लिए आक्रामक खर्च नीति अपनाएगी, लेकिन अत्यधिक सतर्कता और दिशा के अभाव में शॉर्ट टर्म निवेशकों का भरोसा टूट गया।





