
जमशेदपुर प्रखंड में ‘आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार’ में अव्यवस्था पर हंगामा

जमशेदपुर : जमशेदपुर प्रखंड के तहत आयोजित ‘आपकी योजना–आपकी सरकार–आपके द्वार’ कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों ने 15 सूत्री मांग पत्र जिला उपायुक्त की अनुपस्थिति में डीडीसी नागेंद्र पासवान को सौंपा।
समिति ने स्पष्ट कहा कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो वे प्रखंड विकास कार्यालय के समक्ष आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

डीडीसी ने दिया आश्वासन, कार्रवाई जल्द
मांग पत्र सौंपने के बाद डीडीसी नागेंद्र पासवान ने प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों से तत्काल बात कर समस्याओं को शीघ्र सुलझाने का आश्वासन दिया।
मांग पत्र में क्या-क्या आरोप?
सौंपे गए मांग पत्र में कार्यक्रम के दौरान हुई कई प्रमुख अनियमितताओं की जांच और सुधार की मांग की गई। आरोप इस प्रकार हैं—
- मैया सम्मान योजना से संबंधित अनियमितताएँ
फॉर्म की अवैध बिक्री और कालाबाजारी
फॉर्म जमा करने के बाद रसीद नहीं देना
जो रसीदें दी गईं, उन पर पदाधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं
संलग्न कागजातों की जांच-पड़ताल नहीं
- शिविर प्रबंधन में गंभीर लापरवाही
शिविर स्थल पर अव्यवस्था और अव्यवस्थित माहौल
भीड़ प्रबंधन में लापरवाही
आवेदन की ऑन-द-स्पॉट कंप्यूटर एंट्री न करके सिर्फ रजिस्टर में नाम लिखना
आवेदन की ट्रैकिंग व्यवस्था नहीं
वीडीओ और सीओ द्वारा बिना पूर्व योजना व बैठक के शिविर आयोजित करना
- जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किए जाने के आरोप
शिविर की तिथि में बिना सूचना बदलाव
पंचायत प्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लेना
कई विभागों के स्टॉल नहीं लगे
कई स्टॉल पर पदाधिकारी अनुपस्थित
कई विभागों को एक ही टेबल से आवेदन लेने के कारण अव्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान प्रमुख, उप-प्रमुख और पंचायत समिति सदस्यों को दरकिनार कर सौतेला व्यवहार
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन रहे शामिल?
मांग पत्र सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे—
प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन
उप प्रमुख शिव कुमार हांसदा
जिला अध्यक्ष सतबीर सिंह बग्गा
पंचायत समिति सदस्य: सुनील गुप्ता, मनोज यादव, रवि कुरली, दीपू सिंह, सोनिया भूमिज, संगीता पात्रों, जस्मीन गुड़िया, झरना मिश्रा, आरती करूवा, मनीषा हाइबुरू, साकरो सोरेन
साथ ही कई अन्य समिति सदस्य भी उपस्थित रहे।




