
जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक और चतुर्थ बाल मेला के संरक्षक सरयू राय की अध्यक्षता में रविवार को मेले की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में बाल कल्याण से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न स्कूलों के खेल प्रशिक्षक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मेले का आयोजन 14 से 20 नवंबर तक बोधि मैदान, गरम नाला, साकची में होना तय है। यह आयोजन स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और नेचर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
सरयू राय ने दिया निर्देश – स्लम एरिया के बच्चों को मिले प्राथमिकता
बैठक के दौरान मेला आयोजन समिति की मंजू सिंह ने बताया कि इस वर्ष एक अहम निर्णय लिया गया है —
अब स्लम बस्तियों में रहने वाले वे बच्चे, जो किसी विद्यालय में नहीं जाते, उन्हें भी मेले की हर प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
यह सुझाव बाल आयोग से जुड़े संजय जी ने दिया था, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।
सरयू राय ने समिति को निर्देशित किया कि इन बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत कर मेले में शामिल कराया जाए।
26 स्कूलों के खेल प्रशिक्षकों ने साझा किए सुझाव
मंजू सिंह ने आगे बताया कि बैठक में 26 स्कूलों के खेल प्रशिक्षक और शिक्षकों ने भाग लिया।
सभी को आयोजन की रूपरेखा से अवगत कराया गया तथा उनकी भूमिकाएँ स्पष्ट की गईं।
कुछ प्रशिक्षकों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिन्हें तुरंत स्वीकार किया गया।
प्रत्येक इवेंट पर विस्तृत चर्चा हुई ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
सरयू राय ने कहा, “बाल मेले के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हर आवश्यक उपक्रम समय पर पूरा किया जाए।”
सोशल मीडिया से जुड़ेगा बाल मेला अभियान
बैठक में यह भी तय हुआ कि बाल मेले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाएगी।
इस कार्य पर तुरंत अमल शुरू कर दिया गया है।
बैठक में चतुर्थ बाल मेला आयोजन समिति के संयोजक मनोज सिंह, सुधीर सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।



