पूर्वी जमशेदपुर की विधायक ने कहा — यह कदम तांती समुदाय के साथ हो रहे सामाजिक अन्याय को खत्म करेगा

जमशेदपुर : पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखकर ‘तांती’ समुदाय को अनुसूचित जाति (Scheduled Caste) की सूची में शामिल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय तांती समाज के साथ वर्षों से हो रहे सामाजिक और संवैधानिक अन्याय को समाप्त करेगा और उन्हें संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का लाभ दिलाएगा।

‘तांती’ समाज पान/स्वांसी समुदाय का हिस्सा — आयोगीय रिपोर्टों से मिली पुष्टि
विधायक पूर्णिमा साहू ने अपने पत्र में झारखंड प्रदेश पान-तांती-स्वांसी कल्याण समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि
‘तांती’ वास्तव में पान/स्वांसी जाति का पर्यायवाची नाम है।
उन्होंने लिखा कि विभिन्न संवैधानिक, आयोगीय और शासकीय रिपोर्टों — जैसे काका कालेलकर आयोग, मुंगेरी लाल आयोग, और बिहार-झारखंड जनजातीय कल्याण शोध संस्थान — की रिपोर्टें इस तथ्य की पुष्टि करती हैं कि तांती समुदाय को अनुसूचित जाति के अधिकारों का लाभ मिलना चाहिए।
वर्ष 2004 में राज्य मंत्रिमंडल ने लिया था महत्वपूर्ण निर्णय
पूर्णिमा साहू ने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि साल 2004 में झारखंड मंत्रिमंडल ने ‘पान’ और ‘स्वांसी’ के पर्यायवाची के रूप में ‘तांती’ नाम को जोड़ने का निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय आज भी सरकारी अभिलेखों में दर्ज है, फिर भी तांती समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिल सका है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सहानुभूतिपूर्वक और न्यायसंगत विचार करते हुए तांती समुदाय को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने का शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि इस समाज को सामाजिक समानता और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिल सके।
समिति के पत्र की प्रतिलिपि भेजी मुख्यमंत्री को
विधायक ने अपने पत्र के साथ झारखंड प्रदेश पान-तांती-स्वांसी कल्याण समिति द्वारा भेजे गए चार पृष्ठों के ज्ञापन की प्रतिलिपि भी मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेकर तांती समाज को न्याय दिलाएंगे।



