कला प्रोत्साहन के लिए वन विभाग पूरी तरह तैयारः स्मिता पंकज
देशभर के 25 नामचीन कलाकार पहुंचे जमशेदपुर में आयोजित नेशनल आर्ट कैंप
वन विभाग के सहयोग से कला का नया आयाम

जमशेदपुर : प्रसिद्ध चित्रकार मुक्ता गुप्ता की संस्था ‘अन्विति’ के तत्वावधान में गुरुवार को वन विभाग के गेस्ट हाउस परिसर में चार दिवसीय राष्ट्रीय कला शिविर (नेशनल आर्ट कैंप) की शुरुआत हुई।
इस आयोजन का उद्घाटन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) स्मिता पंकज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रकृति और कला का संगम
मुख्य अतिथि स्मिता पंकज ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल कला को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रकृति संरक्षण की भावना को भी मजबूत करते हैं।
उन्होंने कहा —
“वन विभाग कला को बढ़ावा देने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। कलाकार अपने कैनवास पर प्रकृति और दलमा की सुंदरता को उतारें ताकि लोगों को इसके महत्व का ज्ञान हो।”
उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग कला-संस्कृति के संरक्षण में हमेशा अग्रणी रहेगा।
उद्घाटन में शामिल रहे कई गणमान्य व्यक्ति
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी, अन्विति की अध्यक्षा मुक्ता गुप्ता, जेआरजीके बैंक के रीजनल मैनेजर श्रीकांत कतारे, दयाल बिल्डर्स के सुंदर पाल और वरीय समाजसेवी पूर्वी घोष मंचासीन थे।
सभी ने मिलकर दीप प्रज्ज्वलन कर चार दिवसीय कला उत्सव का शुभारंभ किया।
देशभर से जुटे 25 प्रसिद्ध कलाकार
इस राष्ट्रीय कला शिविर में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 25 जाने-माने कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें प्रमुख रूप से —
अर. अखिलेश (भोपाल), रामानुज शेखर (रांची), जॉयदेव चटर्जी (जमशेदपुर), बिप्लब रॉय (जमशेदपुर), ओंकार सिंह (दिल्ली), अशोक कुमार मइती (जमशेदपुर), कृष्णा महतो (जमशेदपुर), कौशलश कुमार (असम), पब्लिक विश्वास (जमशेदपुर), नरेंद्र कुमार (बक्सर), डॉ. मल्लिकार्जुन बगोडी (कलाबुर्गी), अनूप सिन्हा (जमशेदपुर), संजय मजूमदार (कोलकाता), दिपांकर कर्मकार (रांची), रंजीत कुमार (बोकारो), एच.पी. मुखी (जमशेदपुर), लालोन दत्ता (जमशेदपुर), तपोन रॉय (जमशेदपुर), विषेन्द्र नारायण सिंह (जमशेदपुर), प्रशांत त्रिपाठी (देवबंद, सहारनपुर), चंदन कुमार (मुज़फ़्फ़रपुर) और अल्बर्ट अशोक (कोलकाता) शामिल हैं।
सभी कलाकारों का स्वागत स्मिता पंकज, पूर्वी घोष, मुक्ता गुप्ता और श्रीकांत कतारे ने शॉल और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।



