
डीसी नितीश कुमार सिंह के हस्तक्षेप से खत्म हुआ आंदोलन, सफाई और टैक्स वसूली को लेकर उठी थी आवाज
जमशेदपुर: आदित्यपुर नगर निगम में व्याप्त अव्यवस्था और मनमानी टैक्स वसूली के खिलाफ चल रहा पूर्व पार्षदों का आमरण अनशन शनिवार शाम समाप्त हो गया।
जिला उपायुक्त नितीश कुमार सिंह के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद अनशनरत पार्षदों ने जल ग्रहण कर आंदोलन खत्म करने की घोषणा की।

क्या थी पूर्व पार्षदों की मांगें
पूर्व पार्षद नीतू शर्मा और रंजन सिंह के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन नगर निगम की अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था, मनमानी टैक्स वसूली और विकास कार्यों की उपेक्षा को लेकर था।
अनशन में अभिजीत महतो, रिंकू रॉय, ममता बेंज, जूली महतो, विक्रम किस्कु और बरजोराम हांसदा जैसे पूर्व पार्षद शामिल थे।
इनका आरोप था कि पिछले दो वर्षों से निगम प्रशासन मनमाने तरीके से टैक्स वसूल रहा है, जबकि शहर की सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं।

उपायुक्त की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही मामला जिला प्रशासन तक पहुँचा, उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने त्वरित पहल की।
उन्होंने अनशनकारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए वार्ड संख्या 17 के जयप्रकाश उद्यान सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति देने का भरोसा दिलाया।
साथ ही अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार का आश्वासन दिया।
डीसी ने कहा —
“लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात कहने की आजादी है, लेकिन समस्याओं का समाधान संवाद से ही संभव है। जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोपरि है, और उनकी जायज मांगों पर प्रशासन गंभीरता से विचार करेगा।”
नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में समाप्त हुआ अनशन
उपायुक्त के निर्देश पर उप नगर आयुक्त पारुल सिंह और कार्यपालक पदाधिकारी पंकज कुमार झा अनशन स्थल पहुँचे।
उन्होंने आंदोलनरत पूर्व पार्षदों से वार्ता की और उन्हें जल ग्रहण कर अनशन समाप्त कराया।
पूर्व पार्षदों ने प्रशासन के इस रुख का स्वागत किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि —
“अगर वादों को अमल में नहीं लाया गया, तो हम दोबारा आमरण अनशन शुरू करेंगे।”



