5 बार के विधायक को कहा गया- खुद से ट्वीट कर चुनाव न लड़ने की बात कहने, अमरेंद्र ने ठुकराया प्रस्ताव
जमशेदपुर / आरा : बिहार विधानसभा की आरा सीट से भारतीय जनता पार्टी के पांच बार के विधायक रहे पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह को इस बार पार्टी ने चुनाव का टिकट नहीं देने का फैसला लिया है, जिससे उनके समर्थकों में जबरदस्त नाराज़गी देखी जा रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने अमरेंद्र प्रताप सिंह को टिकट नहीं देने की सूचना दे दी है और उनसे यह भी कहा गया कि वे स्वयं ट्वीट कर यह कहें कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ना चाहते। लेकिन अमरेंद्र प्रताप सिंह ने इस मांग को साफ तौर पर खारिज कर दिया।
अमरेंद्र प्रताप सिंह कौन हैं?
आरा विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहे।
बिहार विधानसभा में मंत्री और पूर्व उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
पार्टी के पुराने, जमीनी और संघर्षशील नेता माने जाते हैं।
संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं।
समर्थकों में नाराजगी
टिकट कटने की खबर से आरा ही नहीं, जमशेदपुर तक में उनके समर्थकों में गहरा क्षोभ है।
जमशेदपुर में रह रहे बिहार मूल के लोगों में भी इस खबर को लेकर चर्चा तेज है।
कई समर्थकों ने इसे भाजपा की ‘अपनों की अनदेखी’ करार दिया है।
क्या बोले अमरेंद्र प्रताप सिंह?
हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो वे पार्टी के इस रुख से काफी व्यथित हैं।
टिकट न दिए जाने पर “खुद से ट्वीट” करने का दबाव उन्हें अस्वीकार्य लगा और उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
भाजपा का अगला कदम क्या होगा?
पार्टी अब आरा सीट पर किसे टिकट देती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अमरेंद्र प्रताप सिंह बागी रुख अपनाते हैं या पार्टी के फैसले को स्वीकार कर लेते हैं।
समर्थकों का गुस्सा पार्टी के लिए नुकसानदायक हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां वे प्रभावशाली हैं।



