टाटा मोटर्स के पूर्व महाप्रबंधक मानस मिश्रा के भाई है आर के मिश्रा
कौन हैं जन सुराज के दरभंगा सदर प्रत्याशी आर.के. मिश्रा?
राकेश कुमार मिश्रा, एक पूर्व आईपीएस अधिकारी और अब जन सुराज पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में दरभंगा सदर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। शिक्षा, सेवा और समाजसेवा में लंबे अनुभव के बाद, अब वह राजनीति के ज़रिए जनसेवा की नई राह पर अग्रसर हैं।

टाटा मोटर्स के पूर्व महाप्रबंधक मानस मिश्रा के भाई है आर के मिश्रा
आर के मिश्रा के भाई मानस मिश्रा टाटा मोटर्स में महाप्रबंधक पद से सेवानिवृत हुए है। उनके पिता एस के मिश्रा टाटा हिताची में उप महाप्रबंधक थे।
जमशेदपुर में एसपी रहे है राकेश मिश्रा
दरभंगा सदर सीट से जन सुराज के प्रत्याशी राकेश मिश्रा जमशेदपुर में एस पी रह चुके हैं। झारखंड बनने के बाद उन्होंने बिहार कैडर चुना था। वर्ष 2000 में उनके कार्यकाल में हरि सावा मर्डर केस हुआ था जिसका उन्होंने खुलासा किया था।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: IIT से IPS तक का सफर
आर.के. मिश्रा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद IIT-BHU, वाराणसी से सिविल इंजीनियरिंग में बी.टेक. किया।
तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता के बाद वे वर्ष 1986 में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चुने गए और बिहार कैडर में नियुक्त हुए।
30 वर्षों की सेवा में कई अहम जिम्मेदारियां
मिश्रा ने 30 वर्षों से अधिक समय तक विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।
वे बिहार के डीजी – होम गार्ड्स एवं फायर सर्विसेज के पद पर रहे।
इसके अतिरिक्त, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और बीएसएफ जैसी अर्धसैनिक बलों में भी एडीजी (ADG) के रूप में नेतृत्व किया।
CBI और CRPF में भी निभाई भूमिका
उन्होंने सीबीआई (CBI) और सीआरपीएफ (CRPF) में भी सेवाएं दीं, जहां उनका योगदान राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और नक्सल विरोधी अभियानों में विशेष रूप से सराहनीय रहा।
सेवा सम्मान: देश ने भी सराहा समर्पण
उत्कृष्ट सेवा के लिए मिश्रा को वर्ष 2003 में पुलिस मेडल और वर्ष 2009 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया।
ये सम्मान उनकी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और देशभक्ति के प्रतीक हैं।
सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका
सेवा निवृत्ति के बाद भी मिश्रा ने समाज से जुड़ाव नहीं छोड़ा।
उन्होंने आर.के. मिशन स्कूल और एस.एस. गुरुकुल जैसे संस्थानों के माध्यम से शिक्षा, मार्गदर्शन और युवा मेंटरशिप के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
वे शिक्षा को समाज परिवर्तन का मुख्य साधन मानते हैं।
क्यों खास है उनकी उम्मीदवारी?
साफ छवि, प्रशासनिक अनुभव और शिक्षा से जुड़ाव उन्हें एक आदर्श जन प्रतिनिधि के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
जन सुराज के साथ जुड़कर वह राजनीति में पारदर्शिता, विकास, और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कर रहे हैं।
दरभंगा सदर की जनता के लिए वह एक “विश्वसनीय विकल्प” बनकर उभरे हैं।



