- चर्चा में छह नाम, दौड़ में चार ही आगे
- ओबीसी फार्मूला चला तो मुकेश ठाकुर का मंडल अध्यक्ष बनना तय
- अन्य फार्मूला में चंद्रशेखर, भूषण और जुगनू वर्मा
Raman Jha/Jamshedpur : भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गोविंदपुर मंडल में नए अध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर अंदरखाने सियासी हलचल तेज हो गई है। संगठन के गलियारों में कई नामों की चर्चा है, लेकिन इनमें से चार नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आए हैं। मंडल से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक सिफारिशों का दौर जारी है। अब देखना यह होगा कि संगठन किस समीकरण को तरजीह देता है।
छह में से चार नाम सबसे आगे
भाजपा गोविंदपुर मंडल अध्यक्ष पद की रेस में जिन छह नेताओं के नाम आए हैं, उनमें चंद्रशेखर सिंह, भूषण दीक्षित, जुगनू वर्मा, मुकेश ठाकुर, विकास सिंह और कुंदन गुप्ता शामिल हैं। हालांकि, मंडल और जिला संगठन में चर्चा है कि चंद्रशेखर सिंह, भूषण दीक्षित, जुगनू वर्मा और मुकेश ठाकुर इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।
ओबीसी फैक्टर से मुकेश ठाकुर की बढ़ी उम्मीदें
संगठन यदि सामाजिक समीकरण विशेषकर OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) को ध्यान में रखते हुए चयन करता है तो मुकेश ठाकुर का दावा सबसे प्रबल माना जा रहा है। वे न सिर्फ ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि गोविंदपुर भाजपा के कई पुराने प्रभावशाली नेताओं का समर्थन भी उन्हें प्राप्त है।
चंद्रशेखर सिंह को मिल रहा है पूर्व मंडल अध्यक्ष का समर्थन
चंद्रशेखर सिंह को पूर्व मंडल अध्यक्ष राधेश्याम सिंह का खुला समर्थन प्राप्त है। बताया जा रहा है कि राधेश्याम सिंह का खेमा केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा का आशीर्वाद प्राप्त करने की दिशा में सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि चंद्रशेखर के नाम पर मुहर लगाई जा सके।
युवा शक्ति पर भरोसा जता रहे हैं जुगनू वर्मा
जुगनू वर्मा संगठन में युवा शक्ति को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं। वे स्थानीय युवा कार्यकर्ताओं में खासा लोकप्रिय माने जाते हैं। जानकारी के अनुसार वे भाजपा नेता रूपेश कतरीयार का समर्थन भी अपने पक्ष में लाने की कोशिशों में जुटे हैं।
भूषण दीक्षित के सिर पर बड़े नेताओं का हाथ
राजनीतिक शैली, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और झाविमो (झारखंड विकास मोर्चा) से भाजपा में आए भूषण दीक्षित भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और वरिष्ठ भाजपा नेता अभय सिंह का अप्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है, जिससे उनका नाम रेस में मजबूत बना हुआ है।
संगठन का फैसला 15 अगस्त तक संभव
सूत्रों के मुताबिक पूर्व में जिला स्तर पर रायशुमारी में मुकेश ठाकुर, भूषण दीक्षित और जुगनू वर्मा के नाम पर चर्चाएं थीं, लेकिन बाद में राधेश्याम सिंह ने अपनी टीम के साथ चंद्रशेखर सिंह के नाम को प्राथमिकता देते हुए उन्हें आगे बढ़ाया। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि चार दावेदारों में से किसकी सिफारिश असर दिखाती है। संगठन की ओर से इस संबंध में 15 अगस्त 2025 तक निर्णय लिया जा सकता है।
हालांकि भाजपा की आंतरिक राजनीति में जब तक औपचारिक घोषणा न हो जाए, तब तक कुछ भी अंतिम नहीं कहा जा सकता। नाम पर मुहर लगने से पहले सभी दावेदारों की जोड़-तोड़ और रणनीति पर पार्टी की अंदरूनी समीक्षाएं चलती रहेंगी।



